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इंटरव्यू / 'बॉर्डर' के भैरों सिंह को यादगार किरदार मानते हैं सुनील शेट्टी, बोले- मेरे मरने के बाद भी लोग उसे याद रखेंगे

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बॉलीवुड डेस्क. अन्ना यानी सुनील शेट्‌टी 27 साल से फिल्म इंडस्ट्री में हैं। हाल ही में जब उनसे उनके अब तक के सबसे यादगार किरदार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने 1997 में आई फिल्म 'बॉर्डर' में निभाए गए किरदार भैरो सिंह का नाम लिया। उनकी मानें तो यह ऐसा किरदार था, जिसे लोग उनके मरने के बाद भी याद रखेंगे। 

सुनील कहते हैं, "मेरे पूरे फिल्मी कॅरिअर के सबसे यादगार पल फिल्म 'बॉर्डर' की शूटिंग के वक्त के रहे हैं। जब हम बीकानेर में इसकी शूटिंग कर रहे थे, तब कई बार मैं कई बार रोया। 'संदेशे आते हैं...' गाना जब बीकानेर में चला था तो सारे फौजी भाई कोने में चले गए और उनकी आंखें नम हो गईं। तभी मैंने डायरेक्टर जेपी (दत्ता) सर से कहा था कि यह फिल्म ब्लॉकबास्टर रहेगी। आज भी ये गाना सुनता हूं तो रो पड़ता हूं। आज भी मुझे लोग भैरो सिंह के रूप में ही याद रखते हैं। वे इसे मरने के बाद भी याद करेंगे। यह मेरे कॅरिअर के सबसे खास पल हैं।'

जब सुनील से पूछा गया कि वे 90 के दशक की फिल्मों और आज की फिल्मों में कितना बदलाव देखते हैं तो वे बोले,"आज से 28-30 साल पहले की फिल्मों का अलग ही क्रेज था। तब एक्शन फिल्में ज्यादा बनती और चलती थी। गांव के लोग भी ऐसी फिल्मों को देखने के लिए दूर-दूर तक जाते थे। अब तो वेब सीरीज का दौर आ गया है। एक्शन की जगह बायोपिक ने ली है। समय के साथ और भी बदलाव आते रहेंगे।'

फिटनेस को लेकर

मैंअनुशासन में यकीन करता हूं। जल्दी सोता हूं, सुबह जल्दी उठता हूं। राजा की तरह हैवी ब्रेकफास्ट करता हूं, युवराज की तरह लंच करता हूं और मजदूर की तरह यानी बेहद कम डिनर करता हूं। इसके अलावा रोज शाम को कसरत करता हूं। रोज योग करता हूं। प्राणायाम ज्यादा करता हूं ताकि मन को शांत रख सकूं। यही मेरी फिटनेस का राज है।

बेटे अहान और बेटी आथिया को लेकर

मैं अथिया को एक्टिंग नहीं सिखाता। बल्कि दोनों बच्चों से खुद सीखता हूं। वह समय अब नहीं कि बाप बच्चों को सिखाए। आथिया की फिल्म 'मोतीचूर चकनाचूर' को काफी तारीफ मिली है। दोनों खुद अपना रास्ता तय करते हैं। बेटे की पहली फिल्म 'तड़प' की शूटिंग चल रही है। वह जल्द आएगी।