राजगढ़

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक की तत्परता से 39 बंधुआ श्रमिक कोल्हापुर से हुए मुक्त,नरसिंहगढ़ के अम्बेडकर नगर के श्रमिकों से  ,बंधुआ मजदूरी करा रहा था ,गिरगांव का महेश मधुकर चौहान ,पुलिस की टीम 28 घंटे का सफर कर ,पहुंची मौके पर ,घर पहुंचने पर उनके परिजनों की आ

राजगढ़

राजगढ़ 26 नवम्बर,2021

कलेक्टर श्री हर्ष दीक्षित एवं पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा की तत्परता से जिले के नरसिंहगढ़ तहसील के अम्बेडकर नगर 39 श्रमिक गिरगांव कोल्हापुर में बंधक श्रमिक से मुक्त होकर सकुशल जिले से गई पुलिस टीम के साथ अपने निवास स्थल अम्बेडकर नगर सुरक्षित पहुंचे। घर सकुशल पहुंचने पर उनके परिजनों ने भावुक स्वागत किया तथा उन्हें लेने कोल्हापुर गए उप निरीक्षक श्री दामले और प्रधान आरक्षक श्री लक्ष्मी नारायण एवं आरक्षक श्री राजमल का आत्मीय अभिनन्दंन भी किया गया। बंधक श्रमिकों को गिरगांव कोल्हापुर से लाने पुलिस दल द्वारा 28 घंटों का लगातार सफर किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा जिला प्रषासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा तीव्रगति से की गई कार्रवाई के मद्देनजर ट्वीट कर बधाई दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है कि ‘‘महाराष्ट्र में बंधक मध्यप्रदेश के 39 मजदूरों को मुस्तैदी से मुक्त कराकर सकुशल घर पहुंचाने के लिए राजगढ़ जिला प्रशासन को बधाई‘‘। उन्होंने कहा कि ‘‘अपनी कार्यकुशलता से नरसिंहगढ़ के इन मजदूरों को मुक्त करा कर आपने न केवल कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है, बल्कि नागरिकों के ह्नदय में प्रदेश की कानून व्यवस्था के प्रति विशेष को और भी सुदृढ़ किया है‘‘। 

बंधुआ मजदूरी मुक्त 39 श्रमिकों से मिलने, उनका स्वास्थ्य तथा उन पर क्या बीती जानने कलेक्टर श्री दीक्षित तथा पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा आज नरसिंहगढ़ पहुंचे। यहां वे बंधक से मुक्त सभी श्रमिक का अभिनंदन करने आयोजित कार्यक्रम में उनके पास तक पहुंचे। 

इस दौरान श्रमिक से मुक्त होकर नरसिंहगढ़ पहुंची पूजा पति बीरबल के 6-7 दिवसीय पुत्र को गोद में लिया और स्नेहिल प्यार-दुलार दिया। 

इस मौके पर कलेक्टर श्री दीक्षित ने नरसिंहगढ़ से बंधुआ श्रमिक के रूप में ले जाए गए संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध कार्रवाई करने का भरोसा संबंधित मुक्त हुए श्रमिकों को दिलाया। उन्होंने कहा कि मुक्त श्रमिकों को उनके नजदीक ही  रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। पात्रतानुसार शासन की योजनाओं से लाभांवित कराया जाएगा। रोजगार के लिए उन्हें दोबारा बाहर नही जाना पडे़। इस उद्देष्य से सर्वे कराकर उनका कौषल उन्नयन कराया जाकर स्वरोजगार से भी जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। 

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा ने बताया कि मुक्त कराए गए बंधुआ श्रमिकों का लगभग 1 लाख 50 हजार का भुगतान करा दिया गया। शेष भुगतान का भी शीघ्र कराए जाने कि कारईवाई जारी है। 

कार्यक्रम में मौजूद क्षेत्रीय विधायक श्री राज्यवर्धन सिंह ने बंधुआ श्रमिकों की सकुषल वापसी पर अपनी प्रसन्नता की तथा प्रत्येक मुक्त श्रमिक को अपनी विधायक निधि 4-4 हजार रूपये की राषि दिए जाने की घोषणा भी की। 

 

उल्लेखनीय है कि नरसिंहगढ़ के ग्राम अम्बडेकर नगर बंधुआं श्रमिकों की जानकारी पप्पू पारदी निवासी ग्राम अंबेडकर नगर द्वारा लिखित आवेदन पत्र के माध्यम से थाना नरसिंहगढ़ को सूचना दी गई थी। उसने बताया कि उनका भाई महेष व अन्य परिजन एवं ग्राम अंबेडकर नगर के अन्य लोग महिला पुरूष एवं बच्चों को मिलाकर कुल 39 लोग ठेकेदार के माध्यम से मजदूरी करने के लिए कोल्हापुर महाराष्ट्र लगभग  एक माह पहले गए हुए थे। जिन्होंने फोन द्वारा सूचना दी है कि उन लोगों से एक महीने से महेष मधुकर चौहान निवासी गिरगांव तहसील करवीर जिला कोल्हापुर महाराष्ट्र द्वारा अपने खेत में गन्ना कटाई का काम करवाया जा रहा है। परन्तु मजदूरी मांगने पर कोई मजदूरी नहीं दी जा रही। और उनके द्वारा काम बंद कर घर जाने की बात की गई तो उन्हें घर नहीं जाने दिया जा रहा तथा गांव से भी निकलने नहीं दिया जा रहा है। उन्हें बंधक बनाकर रखा हुआ है। 

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मानवीय पक्ष के आधार पर कलेक्टर श्री दीक्षित एवं पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा द्वारा थाना प्रभारी नरसिंहगढ़ के नेतृत्व में एक टीम गठित कर संबंधित स्थान पर रवाना की गई। इस हेतु पुलिस लाईन राजगढ़ से विशेष वाहन की व्यवस्था भी की गई। टीम के सदस्य उप निरीक्षक राकेष दामले, प्रधान आरक्षक लक्ष्मी नारायण व आरक्षक राजमल लगातार 28 घंटे का सफर कर संबंधित थाना इसपूर्ली तहसील करवीर जिला कोल्हापुर महाराष्ट्र पहुंचे। जहां संबंधित थाना पर सूचना देकर ग्राम गिरगांव पहुंचे। जहां पर मजदूरों को उनकी इच्छा के विरूद्ध काम करने का दबाव बनाकर बंधक स्थिति में रखा गया था। पुलिस थाना नरसिंहगढ़ की टीम द्वारा तत्परता से एक्षन लेते हुए उक्त मजदूरों जिनमें महिला, पुरूष व बच्चों सहित कुल 39 लोगो को सुरक्षित बंधन मुक्त करवा कर सकुशल नरसिंहगढ़ लेकर आए एवं उनको उनके घर ग्राम अंबेडकरनगर पहुंचाया दिया गया।