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वुहान से ग्राउंड रिपोर्ट / बेकाबू कोरोना: चीन में आधे डॉक्टर्स के पास डिग्री नहीं, नर्सें भी 66% कम

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(चीन के वुहान/बीजिंग सेे वस्वती कुमारी की रिपोर्ट). चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 722 तक पहुंच चुकी है। चीन में वायरस से पीड़ित हर 100 में से करीब 2 मरीजों की मौत हो रही है। बीमारी के सबसे बड़े केंद्र चीनी शहर वुहान को पूरी तरह लॉक कर दिया गया है।

1.1 करोड़ की आबादी वाले शहर में बस-ट्रेन, फ्लाइट की आवाजाही रोक दी गई। लोगों के बाहर निकलने पर भी सख्ती है। चीन के 31 में से 19 प्रांतों में आवाजाही पर रोक है। सरकार बीमारी से निपटने के लिए अब तक करीब एक हजार करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। 


वहीं द इकोनॉमिस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि चीन के ये प्रयास नाकाफी हैं। क्योंकि वहां आधे से अधिक डॉक्टरों के पास बैचलर डिग्री तक नहीं है। गांवों और छोटे शहरों में तैनात केवल 10-15% डॉक्टरों के पास ही बैचलर डिग्री है।

कई डॉक्टर परंपरागत चीनी चिकित्सा पद्धति से ही इलाज करते हैं। हालांकि सरकार से मंजूर पद्धति का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। चीन विकसित मुल्क है, इसके बावजूद वहां नर्सों की भी कमी है। अमीर देशों में हर डॉक्टर पर जहां तीन नर्स हैं। वहीं चीन में केवल एक, यानी 66 फीसदी कम। 


अस्पतालों में वायरस की जांच के लिए पर्याप्त किट तक नहीं हैं। कुछ अस्पतालों में पहुंचे लोगों को होटलों में भेजा गया है। सरकार ने वायरस के लक्षणों से पीड़ित व्यक्तियों को अलग-थलग रखने के लिए होटलों का अधिग्रहण किया है। चीन में 95% लोगों का स्वास्थ्य बीमा है। लेकिन, यह गरीबों के लिए महंगा है।

सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी धनराशि खर्च की है पर स्वास्थ्य सेवाओं में अधिक पैसा नहीं लगाया है। हुबेई प्रांत की स्वास्थ्य सुविधाओं में वुहान की हिस्सेदारी आधी है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मामूली बीमारियों से निपटने की सुविधाएं हैं। चीन के केवल 5% रजिस्टर्ड डॉक्टर सामान्य बीमारियों का इलाज करते हैं। 

जनवरी के अंत में वुहान में नाकाबंदी होने के कारण भयभीत लोगों की भीड़ बड़े अस्पतालों के बाहर लग गई थी। येल यूनिवर्सिटी के शी चेन कहते हैं, अस्पतालों में उमड़ी भीड़ से इंफेक्शन और अधिक फैला होगा। चीन में प्रतिदिन 2000 लोगों के इस बीमारी की चपेट में आने की आशंका व्यक्त की गई है। (द इकोनॉमिस्ट और टाइम मैग्जीन से विशेष इनपुट सहित)

चीन के वो 3 झूठ जिनकी वजह से कोरोना बेकाबू

  • वुहान के डॉक्टर ली वेनलियांग ने 30 दिसंबर को कोरोना की चेतावनी दी थी। सरकार ने उन पर अफवाह के आरोप लगाए। पुलिस ने उनसे लिखित में माफी मंगवाई। बाद में ली की संक्रमण से मौत।
  • मेडिकल जर्नल द लैंसेट ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि चीन ने कहा कि 25 जनवरी 2020 तक हुबेई में 761 मामले सामने आए हैं, जबकि लैंसेट के अनुसार यह संख्या उस समय ही 75,815 थी।
  • सरकार के दबाव में कई चीनी अस्पताल डेथ सर्टिफिकेट पर कोरोना की जगह निमोनिया लिख रहे हैं ताकि मौतों का आंकड़ा छिपाया जा सके।