राजगढ़

रसूले खुदा की आमद को लेकर निकला शहर में जुलूस, सरकार की आमद मरहबा के नाम से शहर में गूंजे नारे, ब्लॉक कांग्रेस सहित हिंदू धर्मालंबियों ने किया स्वागत। 

राजगढ़

रसूले खुदा की आमद को लेकर निकला शहर में जलसा ब्लॉक कांग्रेस सहित हिंदू धर्मालंबियों ने किया स्वागत। 

ब्यावरा। मज़हबे इस्लाम में 12 रबी उल अव्वल की महत्वपूर्ण तारीख रसूले खुदा की आमद को लेकर ईदो की ईद मिलादुन्नवी का त्योहार मंगलवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वही हरे झंडो के बीच शहर के प्रमुख मार्गो से एक जलसा भी समाज जनों ने पूरी अकीदत और एहत-राम के साथ निकाला गया,

। जामा मस्जिद पुराना एबी रोड से शुरू हुआ जलसा का शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी एवं हिंदू धर्मालंबियों द्वारा स्थानीय राजगढ़ रोड पिपल चौराहा पर पुष्प वर्षा कर विधायक रामचंद्र दांगी की अगुवाई में स्वागत किया गया।

 

मिलादुन्नबी को लेकर आशिके रसूल जश्न  में डूबे नजर आए और आमद ए रसूल को लेकर चौक चौराहों के साथ ही मुस्लिम इलाकों को सब्ज रंग के झंडो और आकर्षक सतरंगी लिग्गियो  से सजाया गया। रसूले खुदा की पैदाइश का जश्न मुस्लिम समाज जनों ने पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ।वहीं इस वर्ष भी कोरोना संक्रमण के मद्देनजर शहर में गाइडलाइन के मुताबिक जुलूस निकाला गया। इसी के साथ ही मस्जिदों और घरों में मिलाद कुरान ख्वानी का आयोजन भी किया गया, जामा मस्जिद नवगीत सदर सैयद मोहम्मद अली एवं शानू भाई वा नौजवान मुस्लिम कमेटी के अध्यक्ष जनाब सैयद युसूफ अली ने बताया कि मजहबी इस्लाम में 12 रबीउल अव्वल वह महत्वपूर्ण तारीख है, जिसमें सरकारे मदीना रसूले खुदा की पैदाइश हुई।

हुजूर की पैदाइश के इसी दिन को आशिकाने रसूल ईद की ईद मिलादुन्नबी के रूप में हर साल पूरे उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दौरान गलियों और घरों पर हरे झंडे लगाने के साथ ही चमक चांदनी वाली झालरे भी बस्तियों में सजाई गई। मोहल्ला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में आशिकों में पैगंबर साहब से मोहब्बत का जज्बा दिखाई दिया, इस दौरान लोगों ने ईद मिलाद उन नबी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी।