रायपुर

जगदलपुर / 11 हजार डिफॉल्टर किसानों ने फिर लिया 39 करोड़ का लोन

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जगदलपुर. कांग्रेस ने प्रदेश में सत्ता संभालने के बाद किसानों का कर्जमाफ कर दिया था। इसका फायदा उठाते पूर्व में डिफॉल्टर रहे किसानों ने इस साल धान की फसल ली है। 10 से 15 साल बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों की संख्या 11 हजार 601 है। इन किसानों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से 39 करोड़ 91 लाख 73 हजार का कर्ज लिया है। इसे  वे 15 मार्च तक नहीं पटाते हैं तो उनसे सालाना 12 फीसदी ब्याज के हिसाब से कर्ज की राशि वसूली जाएगी। इसके अलावा उन्हें अगले साल से कर्ज नहीं दिया जाएगा। 
बैंक के मुख्य पर्यवेक्षक ए रजा ने कहा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से किसानों को इस समय बिना ब्याज के कर्ज दिया जाता है। समय पर कर्ज नहीं पटाने वाले किसानों को अगले साल से कर्ज नहीं दिया जाता है। जिन डिफाल्टर किसानों को कर्ज दिया गया है उन्हें भी दोबारा समय पर जमा करने की समझाइश देने के साथ ही प्रोत्साहित किया जा रहा है। 

बस्तर के डिफाल्टर किसानों का 263 करोड़ का कर्ज माफ हुआ था :
कर्ज माफी का फायदा बस्तर संभाग के डिफॉल्टर घोषित 57 हजार 939 किसानों को मिला था। इनके द्वारा लिए गया 263 करोड़ का कर्ज माफ किया गया है। इसमें भी सबसे अधिक 22 हजार 281 किसान केवल कांकेर जिले के थे। इसके बाद बस्तर जिले के 11 हजार 219, कोंडागांव 14 हजार 215 , नारायणपुर 2000, दंतेवाड़ा 1 हजार 628, सुकमा 1 हजार 526 और बीजापुर जिले में 4 हजार 370 हैं। 

कांकेर के किसानों की संख्या अधिक :
कर्ज न पटाने से डिफाल्टर की श्रेणी में आ चुके किसानों का कांग्रेस की सरकार ने कर्ज माफ किया है। जिसका फायदा इस साल सबसे अधिक कांकेर के किसानों ने लिया है। जानकारी के मुताबिक जहां पूर्व में डिफाल्टर रह चुके और इस साल कर्ज लेने वालों में बस्तर जिले के किसानों की संख्या 1 हजार 855, कोंडागांव के 2 हजार 603 है। नारायणपुर के 282, दंतेवाड़ा के 231, बीजापुर के 1 हजार 39 और सुकमा के केवल 29 हैं। जबकि कांकेर जिले में इन किसानों की संख्या 5 हजार 562 है।