राजगढ़

राजगढ़ कलेक्टर की अध्यक्षता में मंदिर ट्रस्ट की बैठक संपन्न , धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा भेसवा माता स्थान

राजगढ़

 

राजगढ़ 29 जुलाई, 2020

  राजगढ़ जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध भैसवा माता मंदिर जिले का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां पर नवरात्रि तथा फरवरी माह में विशाल मेला आयोजित होता है। भारी संख्या में स्थानीय तथा बाहर के श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मंदिर ट्रस्ट में कलेक्टर अध्यक्ष है। मंदिर की समस्त व्यवस्थाओं को समय-समय पर देखते रहते हैं ।

कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह ने सारंगपुर विकासखंड के ग्राम भैसवा माता में स्थित इस प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर पहुंचकर मंदिर प्रबंध समिति की बैठक ली। बैठक में मंदिर ट्रस्ट की आय, वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य, आगामी निर्माण कार्य आदि के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह ने कहा कि यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा की दृष्टि से सभी कार्य किए जाएं। मंदिर परिसर को इस प्रकार से विकसित किया जाए कि यह एक प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल बन सके।

  कलेक्टर ने माता मंदिर में पूजा अर्चना के बाद मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रस्ट द्वारा बनाई गई धर्मशाला, टूरिस्ट विभाग द्वारा बनाया गया पर्यटन केंद्र, गौशाला आदि को देखा। उन्होंने सभी महत्वपूर्ण भवनों के रख रखाव की बात कही। इस दौरान सांसद श्री रोडमल नागर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कराए गए विकास कार्यों का अवलोकन कराया। उन्होंने कहा कि पूरे परिसर का इस प्रकार विकास हो कि हर चीज व्यवस्थित हो पर्यटकों के रूकने की व्यवस्था, इसमें पर्यटकों आने जाने में सुविधा, दुकानें व्यवस्थित लगवाने, पार्किंग स्थल, रुकने का स्थान, भंडारण स्थल आदि प्रथक-प्रथक और सुविधाजनक हो कलेक्टर द्वारा शीघ्र कार्य योजना बनाकर स्थल विकास के लिए विशेष प्रयास करने की बात कही। 

इस दौरान सांसद श्री रोडमल नागर के अलावा पूर्व विधायक श्री अमर सिंह यादव, एस.डी.एम. सारंगपुर श्री संदीप अष्ठाना, तहसीलदार भूपेंद्र केलाशिय, ई. आर.ई.एस. मनोज बाथम, सी.ई.ओ. मुकेश जैन, आदि उपस्थित रहे। 

मंदिर ट्रस्ट में डेढ़ करोड़ से अधिक धनराशि जमा है। इसके अलावा मंदिर परिसर तथा मंदिर से जुड़ी कृषि भूमि श्रद्धालुओं द्वारा दान मंदिर की विशेष आय के स्त्रोत है। वर्तमान में मंदिर कर्मचारियों का वेतन, गौशाला, भंडारा आदि का कार्य समिति द्वारा मंदिर आय से किया जाता है।