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मप्र / नहीं चलेगा 55 साल से एक भी दिन भी ज्यादा का भाजपा जिला अध्यक्ष

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भोपाल। भाजपा के संगठन चुनाव में अब जिलाध्यक्षों का निर्वाचन होगा। इसके लिए शनिवार को एक ही दिन रायशुमारी होगी। नवनिर्वाचित मंडल अध्यक्ष, जिला प्रतिनिधि, प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, विधायक-सांसद, जिला महामंत्री, पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व सांसदों से तीन-तीन नाम लिए जाएंगे। एक दिसंबर तक सारे नाम तय करने के बाद दो-तीन दिसंबर को घोषणा कर दी जाएगी। भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत, प्रदेश निर्वाचन प्रभारी हेमंत खंडेलवाल और सहप्रभारी विजेश लुनावत ने चुनाव से जुड़े बिंदुओं के बारे में शुक्रवार को जिला निर्वाचन प्रभारियों को जानकारी दी। भगत ने कहा कि जिलाध्यक्ष के लिए 50 वर्ष की आयु सीमा तय है, लेकिन जहां इस आयु वर्ग के साथ सहमति नहीं बनती, वहां अधिकतम 55 साल तक जाया जा सकता है, लेकिन 55 वर्ष से एक भी दिन ज्यादा का जिलाध्यक्ष नहीं चलेगा। मंडल अध्यक्षों की आयु का परीक्षण 10वीं की मार्कशीट से होगा जिला निर्वाचन प्रभारियों की बैठक में सामने आया कि मंडल के चुनाव में एेसी शिकायतें मिली हैं कि 70 से 80 मंडल अध्यक्षों की आयु 40 से अधिक है। सुहास भगत व प्रदेश निर्वाचन प्रभारी ने कहा कि जहां भी एेसी शिकायतें हैं, वहां 10वीं की मार्कशीट बुलवाकर उनकी आयु की सत्यता परखी जाए। यदि जिलाध्यक्षों के निर्वाचन के संबंध में शिकायत की बात होती है तो आयु का परीक्षण तत्काल कराया जाए। देर से आने पर खफा हुए भगत बैठक में कुछ जिलों के निर्वाचन प्रभारी नहीं पहुंचे। इस पर भगत ने नाराजगी जाहिर की और कहा- लचर रवैया नहीं चलेगा। सब कुछ टाइम पर करें। मुझे पता है कि कई लोग बैठक में पीछे बैठकर बात करते हैं और सोचते हैं कि कौन पूछेगा। काम पूरा न होने पर अब कोई बहाना नहीं चलेगा। भगत ने यह भी पूछा कि कौन लोग हैं यहां, जो वाट्सएप नहीं देख पाते। इस बात का पूरा ध्यान रखें कि रायशुमारी लीक नहीं होनी चाहिए। पारदर्शिता हो और प्राथमिक समिति की पूरी लिस्ट डिटेल के साथ बनी होना चाहिए। दावेदारों ने शुरू की जोड़-तोड़ जिलाध्यक्ष के चुनाव में भाजपा के भीतर दावेदारों ने जोड़-तोड़ भी शुरू कर दी। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी शुक्रवार को पार्टी दफ्तर पहुंचकर भगत से मुलाकात की। इसे भी जिलाध्यक्ष के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। भोपाल में कुछ दावेदारों ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास गुहार लगाई है। ग्वालियर, मुरैना और भिंड के लिए दावेदार केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिले हैं। भोपाल को लेकर खींचतान इसलिए भी तेज है, क्योंकि नया जिलाध्यक्ष 2023 के विस चुनाव में टिकट का दावेदार होगा।

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